UN: हाफिज सईद ने कहा आतंकी लिस्ट से हटाओ मेरा नाम

मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा के सरगना मोस्ट वांटेंड आतंकी हाफिज सईद ने यूनाइटेड नेशंस (यूएन) से अपील की है कि आतंकियों की लिस्ट से उसका नाम हटा दिया जाए। जमात-उद-दावा (जेयूडी) के चीफ हाफिज की ओर से यूएन में इस बाबत एक अर्जी लगाई गई है। ये अर्जी लाहौर की एक कानूनी फर्म के जरिए से लगाई गई है। आपको बता दें कि हाफिज सईद को हाल ही में नजरबंदी से रिहाई मिली है। हाफिज की अर्जी ‘मिर्जा एंड मिर्जा’ नाम की फर्म की ओर से दाखिल की गई है। जब ये अर्जी दी गई उस दौरान हाफिज नजरबंद था। हाफिज के लिए अर्जी दाखिल करने वाले नावेद रसूल मिर्जा पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो में वकील रह चुके हैं, इसके अलावा पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल भी रह चुके हैं। हाफिज ने खुद को अर्जी में एक समाज सेवी बताया है। हाल ही में न्यायिक समीक्षा बोर्ड के आदेश के बाद हाफिज सईद को रिहा कर दिया गया है। पिछले हफ्ते इस मसले पर सुनवाई के दौरान प्रांतीय सरकार ने हाफिज सईद की नजरबंदी तीन महीने बढ़ाने की मांग की थी। लेकिन बोर्ड ने इसे खारिज कर दिया। हाफिज को पंजाब सरकार ने आतंकवाद रोधी कानून 1997 के तहत 31 जनवरी को सईद और उसके चार सहयोगियों को 90 दिनों के लिए हिरासत में लिया था। सईद के साथ उसके साथी अब्दुल्ला उबैद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद और काजी काशिफ हुसैन को हिरासत में लिया गया था। प्रांतीय सरकार ने लोक सुरक्षा कानून के तहत उन्हें हिरासत में लिया था। आपको बता दें कि अमेरिका ने सईद के सिर पर एक करोड़ रुपए डॉलर का इनाम रखा है। 10 महीने तक नजरबंद रखे जाने के बाद उसे गुरुवार की मध्यरात्रि को रिहा कर दिया गया. पाकिस्तान सरकार ने उसे किसी भी दूसरे मामले में हिरासत में ना रखने का फैसला किया है, जिससे 2008 के मुंबई हमले के गुनहगारों को सजा दिलाने की भारत की कोशिशें प्रभावित होगी। मई 2008 में अमेरिकी वित्त विभाग ने सईद को एक वैश्विक आतंकी घोषित किया था। शनिवार को अमेरिका ने पाकिस्तान से सईद को दोबारा नजरबंद करने की मांग की थी।

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