सामान्य से ज्यादा होगी बारिश

बारिश

एलायंस टुडे डेस्क

देश में खरीफ फसलें पूरी तरह से अच्छे मानसून व उसके सही समय पर निर्भर करती हैं इसलिए किसानों के लिए अच्छी खबर यह है कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून ने केरल में दस्तक दे दी है।

इसका मतलब यह हुआ की मानसून इस वर्ष अपने तय समय पर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 15 अप्रैल को समूचे देश के लिए दक्षिण पश्चिम मॉनसून ऋतु (जून-सितम्बर ) की वर्षा के लिए पहले चरण का प्रचालनात्मक दीर्घावधि पूर्वानुमान जारी किया था। इसके अनुसार भी इस वर्ष सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान जताया गया था।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के दूसरे पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर भारत में “सामान्य से ज्यादा” बारिश हो सकती है, जबकि मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप में “सामान्य” बरसात का अनुमान है। बहरहाल, पूर्वी और पूर्वोत्तरी भारत में देश के अन्य हिस्सों की तुलना में कम बारिश होने की संभावना है। जून से सितंबर तक चलने वाले इस मॉनसून की वजह से देश में 75 फीसदी बारिश होती है।

अगस्त में मानसून से बारिश समूचे देश के लिए वर्षा दोनों माह में सामान्य बारिश या इससे अधिक बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार जहाँ जुलाई के महीने में 103 प्रतिशत वर्षा का अनुमान है वहीँ अगस्त महीने में 97 फीसदी बारिश हो सकती हैं।

2020 मॉनसून में (जून से सितम्बर) की वर्षा उत्तर पश्चिम भारत में दीर्घावधि औसत के 107 प्रतिशत, मध्य भारत में दीर्घावधि औसत के 103 प्रतिशत, दक्षिणी प्रायद्वीप में दीर्घावधि औसत के 102 प्रतिशत और पूर्वोत्तर भारत में दीर्घावधि औसत के 96 प्रतिशत होने की संभावना है। इस प्रकार, मॉनसून वर्षा का स्थानिक रूप से अच्छी तरह से वितरण होने की उम्मीद है।

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