टिड्डी दल का खतरा अभी भी जारी, कानपुर समेत कई शहरों में अलर्ट जारी

टिड्डी दल का खतरा अभी भी जारी

एलायंस टुडे ब्यूरो

कानपुर। उत्तर प्रदेश में अभी टिड्डी दल का खतरा टला नहीं है, जीपीएस मैपिंग में दो दल मध्य प्रदेश की सीमा में सक्रिय होने की पुष्टि हुई है। इसपर कानपुर समेत कई शहरों को अलर्ट किया गया है और कृषि विभाग किसानों को लगातार जागरूक कर रहा है।

कृषि अधिकारी इन दलों पर पल पल नजर रख रहे हैं और निपटने के लिए पूरी व्यवस्थाएं कर ली हैं।

कानपुर और आसपास जनपदों में अभी भी टिड्डियों का खतरा मंडरा रहा है, इसके चलते कई शहरों में अलर्ट जारी है। एक टिड्डी दल पन्ना घाटी तो दूसरा शहडोल की ओर गया है।

मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जनपद झांसी, ललितपुर, चित्रकूट इत्यादि को अलर्ट पर रखा गया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने बताया कि मौसम पर निर्भर करेगा कि टिड्डी दल का मूवमेंट किधर की और होगा।

उन्होंने कहा कि लगातार किसानों को जागरूक किया जा रहा है, और निदेशालय स्तर पर स्थापित टिड्डी कंट्रोल रूम से संपर्क कर जानकारी ली जा रही है। वहीं टिड्डी दल के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम से रोज एक ब्लाक के दस-दस किसानों से बातचीत की जा रही है।

बताया गया कि टिड्डी दल को देखते ही टिन,थाली व ताली बजाना शुरू कर दें और उन्हें बैठने न दें।

टिड्डी दल से बचने के लिए इन तरीकों को अपनाएं

  1. खेतों में किसान थाली बजाएं, खेतों में धुंआ करें।
  2. फसलों को बचाने के लिए हेस्टाबीटामिल, क्लोरफाइलीफास और बेंजीएक्सटाक्लोराइड का छिड़काव करें।
  3. खाली खेतों में टिड्डी दल अंडे देता है, इसलिए वहां पानी भर दें।
  4. टिड्डियों का दल आवाज के कंपन को महसूस करता है, इसलिए किसान खेतों में डीजे लगा रहे हैं।

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