श्रम कानूनों में बदलाव का सख्त विरोध करेंगे बिजली कर्मचारी

power corporation
power corporation

एलायंस टुडे ब्यूरो

लखनऊ। श्रम कानूनों में किए गए बदलाव के विरोध में प्रदेश के बिजली कर्मचारी कड़ा विरोध करेंगे। विद्युत मजदूर संगठन ने यह फैसला लिया है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मजदूरों के मूलभूत अधिकारों में की गई कटौती व विद्युत अधिनियम में केन्द्र सरकार द्वारा निजीकरण के मंसूबों से किये गये परिवर्तन पर विचार करने के लिए आज पुनीत राय प्रदेश संयोजक द्वारा आयोजित एक वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से विद्युत मजदूर संगठन और विद्युत संविदा मजदूर संगठन उप्र के दस प्रमुख नेताओं ने लगभग एक घंटे तक आपस मे चर्चा के बाद श्रम कानूनों में सरकार द्वारा किये गये मजदूर विरोधी परिवर्तनों व विद्युत अधिनियम संशोधन 2020 का प्रदेश व्यापी विरोध करने का निर्णय लिया है।

चर्चा मे वरिष्ठ मजदूर नेता आरएस राय व संगठन के अध्यक्ष अरुण कुमार सहित मुख्य महामंत्री आलोक सिंहा, महामंत्री श्रीचंद, मीडिया प्रभारी विमल चन्द्र पाण्डेय, उप महामंत्री अजय भट्टाचार्य, कारपोरेट अध्यक्ष जलीलुरहमान, सिस अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार व महामंत्री अभिषेक सिंह ने भाग लिया ।

संरक्षक आर एस राय ने बताया है की पदाधिकारियों द्वारा आपसी चर्चा में कहा गया कि जब बिजली कर्मचारी और संविदा कर्मी कोविड-19 के संक्रमण की परवाह न करते हुए जी जान से 45 डिग्री तापमान में भी बिजली लाइनों को बनाने और विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने में अपना योगदान दे रहे हैं तब सरकार द्वारा मजदूर विरोधी कार्रवाई करना और महँगाई भत्ते की बढ़ोतरी पर रोक लगाना कत्तई उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा प्रदेश के हर जिले और परियोजना पर अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री उप्र को ज्ञापन भेज कर संशोधन वापस लिये जाने की मांग की जायेगी।

मीडिया प्रभारी विमल चन्द्र पान्डे ने बताया कि संगठन के अधिकतम 11 पदाधिकारी काला मास्क लगाकर, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए संबंधित अधिकारी के कार्यालय पर 9 जून को उपस्थित होकर मौन विरोध प्रकट करेंगे और ज्ञापन देंगे।

Share on

Leave a Reply