क्या डायनासोर फिर से जिन्दा हो सकते हैं ?, जानिए इसका जवाब

Indominus Rex
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अनुपम चन्द्र/एलायंस टुडे ब्यूरो

ज से करोड़ो साल पहले पृथ्वी पर डायनासोर पाए जाते थे, परन्तु एक उल्कापिंड के पृथ्वी से टकराने पर सभी डायनासोर समाप्त हो गए, वर्तमान समय में हमें उनके फॉसिल और अवशेष मिलते हैं जिसे जैसे जैसे नए डायनासोरों की खोज होती जा रही है सभी की दिलचस्पी इनमे बढती जा रही है. डायनासोर को खोजने का एक विज्ञान की एक नई शाखा ने जन्म ले लिया।

विज्ञान और तकनीक के विकास से नए-नए चमत्कार हो रहे हैं, वैज्ञानिकों ने कई जानवरों के क्लोन रूप बना लिए हैं, ऐसे में यह प्रश्न पूछा जाता है कि क्या डायनासोर को पुनर्जीवित किया जा सकता है? क्या वैज्ञानिक डायनासोर को पुनः पृथ्वी पर उत्पन्न कर सकते हैं? आइए जानते हैं इस रोचक संभावना के बारे में की डायनासोर को किस प्रकार पुनर्जीवित किया जा सकता है।

डायनासोरों को पुनर्जीवित करने की ललक हॉलीवुड फिल्म जुरासिक पार्क देखने की वजह से उत्पन्न हो गई है, आज लाखों लोग यह इच्छा करते हैं कि डायनासोर को फिर से उत्पन्न किया जाना चाहिए, जैसा कि आप में से कई ने देखा जुरासिक पार्क फिल्म में देखा होगा कि उसमें वैज्ञानिक एक मच्छर के पेट से डायनासोर का खून निकालते हैं तथा उस खून की कोशिकाओं से डायनासोरों को पुनर्जीवित किया जाता है।

दरअसल प्राचीन समय में विशालकाय पेड़ होते थे, इन पेड़ों से रेजिन निकलता था रेजिन एक गोंद जैसा पदार्थ होता है कई कीट पतंगे पेड़ों से गिरते हुए रेसिंग में फंस जाते थे, कई बार ऐसा होता था कि यह रेजिन पृथ्वी की गहराई में जाकर सुरक्षित हो गया तथा इसने अम्बर का रूप धारण कर लिया, एसा अत्यधिक तापमान और दबाव पड़ने पर होता है. वर्तमान समय में ऐसे कई अंबर प्राप्त होते हैं जिनमें प्राचीन जीवो के अवशेष पाए जाते हैं।

जैसा की फिल्म में बताया गया थे की अंबर से प्राप्त मच्छर के पेट से खून प्राप्त कर लिया गया था जिससे डायनासोर बनाये गए, एसा करना वास्तव में संभव नहीं है क्योंकि अंबर के अंदर जीवो के केवल बाहरी अवशेष ही सुरक्षित रहते हैं, अत्यधिक तापमान और दबाव की वजह से खून की कोशिकाएं और डीएनए नष्ट हो जाता ह।
डीएनए का अणु बहुत नाजुक होते हैं, ये सूर्य के प्रकाश और पानी के प्रभाव से जल्दी विघटित हो जाते है सबसे पुराना डीएनए जो हमें मिला है वह एक मिलियन साल पुराना ही है जबकि डायनासोर 65 मिलियन साल पहले पाए जाते थे!

अगर यह माना जाए कि हमें अंटार्कटिका की जमी बर्फ में डायनासोर का टूटा फूटा डीएनए मिल भी जाए तो भी यह काम बहुत ही मुश्किल होगा, पूरा डीएनए बनाने के लिए हमारे पास उस जीव का जिनोम होना चाहिए अर्थात उस जीव के डीएनए का पूरा नक्शा हमारे सामने मौजूद होना चाहिए तब हम उसके पूरे डीएनए की संरचना को बना पाएंगे, फिर इस डीएनए का उपयोग करके क्लोनिंग की प्रक्रिया के द्वारा पूरे डायनासोर को बनाया जा सकता है।

इस तरह हम पाते हैं कि डायनासोर को पुनर्जीवित किया जा सकता है परंतु यह प्रक्रिया बहुत ही जटिल है तथा इसके लिए कई चीजों की आवश्यकता होती है, जैसे कि किसी डायनासोर का पूरी तरह सुरक्षित डीएनए का अणु तथा डायनासोर के जिनोम की पूरी जानकारी अगर यह दोनों चीजें उपलब्ध हो तो वैज्ञानिक वर्तमान समय में पाए जाने वाले किसी जीव के डीएनए में परिवर्तन कर डायनासोर बना सकते हैं।

पक्षी डायनासोरों का ही एक प्रकार है, इसलिए यदि हमें डायनासोर का डीएनए मिलता है तो किसी पक्षी के लिए डीएनए में बदलाव करके उससे डायनासोर का क्लोन प्राप्त किया जा सकता है परंतु यह प्रक्रिया बहुत ही जटिल होंगी क्योंकि इसमें एक जीव के डीएनए के कई हिस्सों को हटाकर उसे डायनासोर के डीएनए की तरह बनाना होगा।

कुछ वैज्ञानिक पक्षियों के डीएनए को रिवर्स इंजीनियरिंग के द्वारा भी डायनासोर बनाने का प्रयास कर रहे हैं उनका यह मानना है कि पक्षियों से डायनासोर बनाए जा सकते हैं अगर पक्षियों के भ्रूण का डीएनए लिया जाए और उसमें बार बार परिवर्तन किया जाए तो अंततः एक डायनासोर बनाया जा सकता है।

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