स्वच्छ भारत अभियान पर लेख

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एलायंस टुडे ब्यूरो

लेख । एक सर्वेक्षण के अनुसार, भारत में 26 लाख से अधिक लोगों को खुले में शौच करने की आदत है। लगभग 60 प्रतिशत भारतीयों को अभी तक सुरक्षित और निजी शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। इतनी बड़ी जनसंख्या का स्वच्छता सुविधाओं से वंचित रहना निश्चय ही हमारे देश के विकास के रास्ते में एक बड़ी बाधा है।

इसी पृष्ठभूमि में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर, 2014 को राजघाट, नई दिल्ली से पानी, स्वच्छता, एवं स्वच्छता संबंधित चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वच्छ भारत अभियान या क्लीन इंडिया मिशन की शुरूआत की। केंद्र सरकार के इस फ्लैगशिप कार्यक्रम का लक्ष्य अक्टूबर 02, 2019, जो कि महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती होगी, तक स्वच्छ भारत के सपने को साकार करना है। यहाँ हम आपको अलग-अलग शब्द सीमा के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के तहत स्वच्छ भारत अभियान पर कुछ उपयोगी लेख प्रदान कर रहे हैं। आप अपनी आवश्यकता के अनुसार इनमें से किसी का भी चयन कर सकते हैं

धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर, 2014 को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन का शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का लक्ष्य 2 अक्टूबर, 2019 को, राष्ट्रपिता की 150 वीं जयंती के अवसर पर देश भर में गलियों, सड़कों और बुनियादी ढांचों को स्वच्छ बनाने का है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा सफाई अभियान है।

सर्वप्रथम 2011 की जनगणना में, स्वच्छता की आवश्यकता को एक प्रमुख मुद्दे के तौर पर वरीयता दी गई क्योंकि उस वर्ष जनगणना के दौरान यह पता लगा कि भारत में 26 लाख से भी अधिक लोग शौचालय उपलब्ध नहीं होने की वजह से खुले में शौच कर रहे थे। 62,009 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ शुरू हुए स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य देश में खुले में शौच के उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करना है। इस मिशन के अन्य उद्देश्यों में अस्वच्छ शौचालयों का रूपांतरण फ्लश शौचालयों में करना,  मैला ढोने की अमानवीय प्रथा को समाप्त करना एवं और नगरपालिका द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सम्मिलित हैं।

 

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