TMC के एक विधायक समेत 50 पार्षद BJP में शामिल

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एलायंस टुडे ब्यूरो

नई दिल्ली। अभी आम चुनावों का परिणाम आए एक सप्ताह भी नहीं हुआ है कि देश भर में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करने वाली बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और करारा झटका दिया है। मंगलवार को टीएमसी के 1 विधायक और 50 पार्षदों ने राजधानी आकर बीजेपी के राष्ट्रीय मुख्यालम में पार्टी का दामन थाम लिया। इन लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने पूरे देश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में जो ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है उससे तृणमूल कांग्रेस सबसे ज्यादा बेचैन थी और इस बीच बीजेपी ने उसे एक और झटका दे दिया। अब राज्य में अपनी खोई ताकत को फिर से हासिल करने की आस में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी डेमेज कंट्रोल करने में जुट गई हैं। ममता ने मंगलवार को अपने कैबिनेट में फेरबदल कर लिया। टीएमसी से बीजेपी में आए इन विधायकों और पार्षदों ने बीजेपी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच पार्टी जॉइन की। इसके कुछ ही घंटों बाद ममता बनर्जी ने अपने डेमज कंट्रोल की गतिविधियां तेज कर दीं। बता दें पश्चिम बंगाल के तीन विधायकों ने बीजेपी जॉइन की है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और सीपीएम के एक-एक विधायक शामिल हैं। इसके अलावा 50 पार्षद भी बीजेपी के खेमे में आएं हैं और ये सभी टीएमसी के पार्षद थे। इन तीन विधायकों में टीएमसी से जो विधायक बीजेपी में शामिल हुए हैं वह टीएमसी के पूर्व दिग्गज नेता मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय हैं। शुभ्रांशु बीजपुर से विधायक हैं। मुकुल राय ने 2017 में ही बीजेपी जॉइन की थी। बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने टीएमसी को अभी और झटके देने की बात कही है। विजयवर्गीय ने कहा कि यह अभी पहला चरण ही है। जिस तरह से चुनाव 7 चरणों में हुए थे, उसी तरह से 7 राउंड में बीजेपी में भी नेताओं को शामिल किया जाएगा। इस बीच ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी की नाराजगी दूर करने के लिए कैबिनेट में फेरबदल का फैसला ले लिया। सीएम ममता बनर्जी ने कैबिनेट में हुए इस फेरबदल को चुनाव बाद होने वाली ‘रूटीन एक्सरसाइज’ करार दिया है। बता दें इन लोकसभा चुनावों में टीएमसी को उत्तरी बंगाल और जंगलमहल इलाके में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है और ममता बनर्जी ने इस क्षेत्र से आने वाले दो मंत्रियों बिनोय कृष्णा बर्मन और शांतिराम महतो से उनके मंत्रालय छीन लिए हैं और अब इन नेताओं की जगह पार्टी के सीनियर नेता जैसे सुब्रता मुखर्जी, शुभेंदु अधिकारी, राजीव बनर्जी और ब्रात्या बसु को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री बनर्जी की 7 जून को होने वाली बैठक में इन दो क्षेत्रों में पार्टी के खराब प्रदर्शन पर गहन चर्चा करेंगी। सूत्रों ने बताया कि बनर्जी अब इन क्षेत्रों में राज्य की कई लंबित योजनाओं को हरी झंडी दे देंगी। ताकि एक बार फिर वह यहां अपनी खोई जमीन का आधार वापस पा सके। टीएमसी को इन चुनावों में सबसे ज्यादा नुकसान जंगलमहल बेल्ट से ही हुआ है। यहां मिदनापुर, झारग्राम, पुरुलिया और बांकुरा से पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाई। जैसे ही पश्चिम बंगाल के 3 विधायकों समेत टीएमसी के 50 पार्षदों के साथ बीजेपी जॉइन की। उसके तुरंत बाद ही ममता बनर्जी ने अपने कैबिनेट में ये बदलाव कर दिए। बीजेपी जॉइन करने वाले इन पार्षदों ने कहा कि वे ममता बनर्जी के खिलाफ नहीं है लेकिन वे सभी प्रधानमंत्री मोदी की विकास योजनाओं का हिस्सा बनना चाहते थे। इसलिए उन्होंने बीजेपी जॉइन करने का फैसला किया। इससे पहले बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बंगाल के नेताओं को बीजेपी में शामिल करने के अवसर पर कहा, ‘यह कार्यक्रम अब प्रतिमाह ऐसे ही जारी रहेगा। हम सभी ममता बनर्जी सरकार को शुभकामनाएं देते हैं कि वह अपना कार्यकाल पूरा करे लेकिन अगर लोगों ने ऐसा नहीं चाहा तो हम इसमें कुछ नहीं कर पाएंगे। राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से 18 लोकसभा सीटें अपने नाम करने के बाद बीजेपी ने टीएमसी को यह दूसरा जबरदस्त झटका दिया है। पार्टी के 50 पार्षदों को अपने दल में शामिल कर बीजेपी ने इन पार्षदों के इलाकों में टीएमसी के जमीनी आधार को झटका दिया है।

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