सुलतानपुरः जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह के खिलाफ डीएम को अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस 

एलायंस टुडे ब्यूरो

लखनऊ। जिला पंचायत सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह के खिलाफ डीएम को अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस दी है। शनिवार को सुबह करीब 11 बजे 28 जिला पंचायत सदस्यों के नाम का शपथ पत्र जिलाधिकारी संगीता सिंह को सौंपा गया। इस मौके पर कलक्ट्रेट परिसर में समर्थकों की भीड़ रही। इसी के साथ जनपद में जिला पंचायत की राजनीति गर्म हो चुकी है। ऊषा सिंह अपने पति शिव कुमार सिंह की राजनीतिक पैतरेबाजी और जोड़तोड़ से सपा के समर्थन से जिला पंचायत सदस्य चुनी गई थीं। उस समय ऊषा के खिलाफ भाजपा के समर्थन से मैदान में जिले का चर्चित चेहरा यशभद्र सिंह थे, पर वे पराजित हो गए थे। बता दें कि सुलतानपुर में जिला पंचायत सदस्यों की कुल संख्या 46 है। 28 सदस्यों के अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के बाद ऊषा सिंह को पद पर बने रहने का फिलहाल कोई रास्ता अभी नहीं दिख रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में लोकल स्तर पर करीब सभी दलों के नेताओं में अंदरखाने गोलबंदी जैसी स्थित है। समाजवादी पार्टी और भाजपा की नजदीकियां भी दिख रही हैं। सपा के पूर्व विधायक लंभुआ संतोष पांडेय जो यशभद्र सिंह के खिलाफ ऊषा सिंह को जीताने में नायक की भूमिका में रहे थे, वे शनिवार को ऊषा सिंह खिलाफ खलनायक की भूमिका में नजर आए। वे यहां पूर्व विधायक चन्द्रभद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य यशभद्र सिंह के साथ नजर आए। वहीं भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य अजय जयसवाल, सुनील वर्मा, अवनीश सिंह गुड्डू, सपा समर्थित पृथ्वीपाल यादव अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस देने वालों में शामिल रहे। भीड़ में कांग्रेस और बसपा के भी कई चेहरे दिखाई दिए। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस को लेकर भाजपा काशी प्रांत के महामंत्री रामचन्द्र मिश्र ने कहा कि इसमें उनकी पार्टी की कोई भूमिका नहीं है। क्या भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य इस प्रक्रिया में शामिल नहीं है? इस सवाल पर उन्होंने उलझा हुआ जवाब दिया। अगला जिला पंचायत अध्यक्ष कौन के सवाल पर जवाब नहीं दे सके। दूसरी ओर सपा जिलाध्यक्ष ने इस घटनाक्रम से अनभिज्ञता जाहिर की और कहा कि पार्टी नेतृत्व से बात करके ही कुछ कह सकेंगे।

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