सिंधिया घाट पर दिनदहाड़े सपा नेता प्रभु सहानी की गोली मारकर हत्या

एलायंस टुडे ब्यूरो

वाराणसी। चैक थाना क्षेत्र में शुक्रवार को सिंधिया घाट पर दिनदहाड़े समाजवादी पार्टी के नेता प्रभु सहानी की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। सूचना पर एसपी सिटी के अलावा चैक पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम पहुंची। पुलिस ने मौके से 9 एमएम का एक खोखा बरामद किया है। घटना का कारण दशाश्वमेध घाट के सामने जेटी के पास नावें बांधने को लेकर विवाद है। मृतक के छोटे भाई शम्भू की तहरीर पर पुलिस ने उनके चचेरे भाई विनोद सहानी, शिवकुमार और जितेंद्र के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बंगाली टोला निवासी प्रभु सहानी की दशाश्वमेध घाट पर कई नावें चलती हैं। उसका चेचेरा भाई विनोद निषाद और परिवारवाले भी नावों का संचालन करते हैं। प्रभु हर शुक्रवार को दर्शन करने सिंधिया घाट के पास संकठा मंदिर में दर्शन के लिए जाता था। दोपहर एक बजे प्रभु अपने कर्मचारी पवन और एक अनय के साथ नाव से सिंधिया घाट पहुंचा। वह साथियों को नाव पर ही बैठाकर खुद दर्शन करने मंदिर चला गया। करीब 1.20 बजे प्रभु दर्शन के बाद पॉलीथिन में प्रसाद लेकर घाट की सिढ़ियां उतर रहा था। वहां पहले से मौजूद दो बदमाशों ने उसे असलहा सटा दिया। इसके बाद ताबड़तोड़ तीन फायरिंग की। एक गोली प्रभु के सीने में लगी और वह गिर गया। तेज धूप के कारण घाट पर बहुत कम लोग थे। घटना देख वह भी भाग गये। तभी नाव पर मौजूद कर्मचारी आसपास के लोगों के सहयोग से उसे मंडलीय अस्पताल ले आये। चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।

एसएपी बोले-वर्षों से चल रहा था विवाद

एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि प्रभु के चचेरे भाइयों व मानमंदिर निवासी विनोद, शिवकुमार व जितेंद्र ने घटना को अंजाम दिया है। दोनों पक्षों में दशाश्वमेध घाट के पास नावें बांधने को लेकर 20 वर्षों से विवाद चल रहा था। मामला नगर निगम में गया। पिछले दिनों नगर निगम ने एक पक्ष को जेटी के दक्षिण और दूसरे को उत्तर नावें बांधने का आदेश दिया था। विनोद सहानी पक्ष इस आदेश से संतुष्ट
नहीं था। यहीं घटना की वजह बनी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें लगायी गयी है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

सपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ चुका था प्रभु

पिछले नगर निगम चुनाव में प्रभु साहनी सपा के टिकट पर बंगाली टोला वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ चुका है। वह समाजवादी युवजन सभा का जिला सचिव बताया गया है। जबकि उसका चचेरा भाई विनोद सहानी उर्फ गुरू निषादराज सेवा समिति का अध्यक्ष है और वह भी नगर निगम चुनाव में निर्दल प्रत्याशी रह चुका है। हालांकि प्रभु के पिता का निधन हो चुका है। लेकिन उनके जीवित रहते चचेरे भाईयों के पिता से नावें बांधने को लेकर विवाद होता रहा। दशाश्वमेध घाट पर जेटी लग जाने के बाद व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता और बढ़ गयी थी। आयेदिन विवाद हो रहा था। घटना से एक दिन पहले ही दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। एक-दूसरे को समझ लेने की धमकी दी गयी थी।

घात लगाकर बैठे थे अपराधी

चचेरे भाइयों से विवाद के दौरान अक्सर एक-दूसरे को धमकियां दी जाती रहीं। लेकिन कभी मामला इतना गंभीर नहीं हुआ। दस साल पहले परिवार के हत्या के प्रयास की घटना हो चुकी है। एक दिन पहले विपक्षियों की धमकी को प्रभु ने गंभीरता से नहीं लिया। सूत्रों के अनुसार प्रभु कर्मचारियों के साथ दशाश्वमेध घाट से नाव लेकर चला तभी उसे मारने के लिए हमलावर पीछे लग गये थे। जब प्रभु मंदिर में दर्शन करने गया तो तपती धूप के बावजूद आरोपित घाट के चबूतरे पर बैठकर उसके आने का इंतजार कर रहे थे। प्रभु सीढ़ी से उतरने लगा तो दोनों खड़े हो गये। फिर भी वह हत्यारों की मंशा को भाप नहीं पाया। जैसे ही प्रभु पास आया एक ने आगे और दूसरे ने पीछे से असलहा सटा दिया। फिर फायर झोंक दी। घटनास्थल से कुछ दूर पर खेल रहे बच्चों ने गोली मारनेवालों को देखा लेकिन वे डर गये। बच्चों ने बताया कि हत्या के बाद बदमाश सीढ़ियों से ऊपर चढ़ते हुए संकठा गली से भाग निकले।

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