शहीद सैनिकों – पुलिस कर्मियों को मिलेगा 3 करोड़

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की अध्यक्षता में आज राजभवन में उत्तर प्रदेश पुलिस एवं आम्र्ड फोर्सेज सहायता संस्थान, लखनऊ की प्रबन्ध समिति की 35वीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, सदस्य विधान सभा मेजर सुनील दत्त द्विवेदी (अवकाश प्राप्त), मुख्य सचिव के प्रतिनिधि अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल, प्रमुख सचिव राज्यपाल जूथिका पाटणकर, जीओसी लखनऊ सब एरिया मेजर जनरल विनोद शर्मा, मेजर जनरल एच0के0 सिंह (अवकाश प्राप्त), पूर्व पुलिस महानिदेशक रिजवान अहमद, पूर्व पुलिस महानिदेशक देवराज नागर, प्रमुख सचिव वित्त सुधीर गर्ग, पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह, सचिव वित्त मुकेश मित्तल, महानिदेशक पी0ए0सी0 आर0के0 विश्वकर्मा, अपर निदेशक सैनिक पुनर्वास कर्नल सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

बैठक में इन्सरजेन्सी/आतंकवाद की घटनाओं में शहीद हुए सैनिकों एवं पुलिसकर्मियों के परिजनों को मार्च 2016 से मार्च 2017 तक भुगतान की गई कुल सहायता राशि रूपये 2 करोड़ 65 लाख, 94 हजार 4 सौ का अनुमोदन किया गया। संस्थान द्वारा सैन्यबल के 8 शहीदों के परिजनों को रूपये 40 लाख 2 हजार, पुलिस बल के 16 शहीद कर्मियों के परिजनों को रूपये 85 लाख 80 हजार, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 19 शहीदों के परिजनों को रूपये 92 लाख 20 हजार, सीमा सुरक्षा बल के 4 शहीदों को रूपये 24 लाख तथा अर्धसैनिक बल के 2 शहीद कर्मियों के परिजनों को रूपये 10 लाख की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है। संस्थान द्वारा पुत्री के विवाह हेतु सैन्य बल के 5 व्यक्तियों/आश्रितों को रूपये 7 लाख 50 हजार, पुलिस बल के 1 व्यक्ति को रूपये 1 लाख 50 हजार, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 2 व्यक्तियों को रूपये 3 लाख की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है। सैन्य बल के अपंग घोषित 2 कर्मियों को रूपये 46 हजार, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस तथा सीमा सुरक्षा बल के 2 कर्मियों को रूपये 45 हजार प्रत्येक की सहायता राशि प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त आश्रितों की वार्षिक शिक्षा हेतु एक पी0ए0सी कर्मी के परिजन को रूपये 22 हजार 8 सौ तथा भारत तिब्बल सीमा पुलिस बल के 2 कर्मियों को रूपये 33 हजार 6 सौ की सहायता राशि प्रदान की गई है।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस एवं आम्र्ड फोर्सेज सहायता संस्थान की ओर से केन्द्र एवं राज्य के गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर संस्थान के कोष में कम से कम रूपये पांच-पांच करोड़ देने की मांग की जाएगी। इस धनराशि का उपयोग शहीद होने वाले सैन्य, पुलिस एवं अर्धसैनिक बल के परिजनों को आर्थिक सहायता में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग को पत्र भेजकर जमा धनराशि पर मिलने वाले लाभांश को आयकर मुक्त करने का भी अनुरोध किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि संस्थान को आयकर अधिनियम की धारा-12एए(3) के प्राविधानों के अधीन आयकर से छूट प्राप्त है। अधिनियम में व्यवस्था है कि वित्तीय वर्ष की आय के 85 प्रतिशत व्यय की छूट अगले 5 वर्ष तक है तथा यदि आय का 85 प्रतिशत व्यय अगले 5 वर्ष में नहीं हुआ तो शेष धनराशि पर आयकर देना होता है।

बैठक में यह भी बताया गया कि संस्थान के लिए एन0आई0सी0 द्वारा रूपये 3 लाख 36 हजार की लागत से वेबसाइट तैयार की गयी है जिस पर अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं एवं योजनाएं प्रदर्शित की जाएंगी और आॅन-लाइन व्यवस्था के माध्यम से सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों तथा शहीदों के परिजनों को सहायता आदि प्राप्त करने में सुविधा होगी। बैठक में प्रबंध समिति की 34वीं बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि, गत वर्षों के वास्तविक आय-व्ययक लेखों के अनुमोदन के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।

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