पुष्पा सेल्स का मालिक मनीष भण्डारी गिरफ्तार

बीआरडी मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन की कमी से 33 बच्चों की मौत मामले में फरार चल रहे पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मनीष भंडारी को रविवार की सुबह देवरिया बाईपास से कैंट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
मनीष भण्डारी ने शनिवार को ही कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए अर्जी लगाई थी। बीआरडी आक्सीजन त्रासदी में वह नौवां आरोपी है। अन्य आठ आरोपियों मेडिकल कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. राजीव मिश्र, उनकी पत्नी डा. पूर्णिमा शुक्ला, इंसेफेलाइटिस वार्ड के प्रभारी रहे डा. कफील, डा. सतीश और कालेज के चार कर्मचारियों सहित कुल नौ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मनीष भंडारी की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में कोई भी आरोपी बाहर नहीं है। उम्मीद है कि अब पुलिस जल्द से जल्द अपनी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करेगी। इसके पहले पुलिस मेडिकल कालेज के पूर्व प्राचार्य प्रो.राजीव मिश्र, उनकी पत्नी डॉ.पूर्णिमा शुक्ला, इंसेफेलाइटिस वार्ड के प्रभारी रहे डॉ.कफील, डॉ.सतीश और कॉलेज के चार पूर्व कर्मचारियों सहित कुल नौ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मनीष पर सप्लाई रोकने का है आरोप बीआडी मेडिकल कालेज में पुष्पा सेल्स में आक्सीजन की सप्लाई देती थी। उसने भुगतान को लेकर सप्लाई ठप कर दी थी। आक्सीजन जीवनरक्षक है। इसकी आपूर्ती बंद करना गुनाह है। इसके लिए आपूर्तीकर्ता मनीष भंडारी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।

अब तक ये लोग जा चुके हैं जेल 
निलंबित प्राचार्य डा. राजीव मिश्रा, पूर्व प्राचार्य की पत्नी डा. पूर्णिमा शुक्ला, डा. कफील खान, स्टॉक प्रभारी व एनेस्थीसिया के हेड डा. सतीश कुमार,कार्यालय सहायक उदय प्रताप शर्मा, लिपिक संजय कुमार त्रिपाठी व सहायक लेखाकार सुधीर कुमार पांडेय, चीफ फार्मासिस्ट गजानन जायसवाल जा चुके हैं जेल।

यह है मामला 
बीआरडी मेडिकल कालेज में 10 व 11 अगस्त को कुछ घंटों के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति ठप हो गई। इन दो दिनों में बालरोग विभाग में 30 मासूमों की मौत हो गई। इसके अलावा मेडिसिन में भी 18 मरीजों की मौत हो गई। इस घटना के बाद शासन ने मुख्य सचिव की अगुआई में जांच टीम गठित की।

इनके खिलाफ दर्ज है मुकदमा
महानिदेशक चिकित्सा-शिक्षा डॉ. केके गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने हजरतगंज थाने में 23 अगस्त को तत्कालीन प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसमें इस मामले में आरोपी पूर्व प्राचार्य की पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, एनेस्थिसिया के विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार, वार्ड 100 के एनएचएम के नोडल अधिकारी डॉ. कफील , सहायक लेखाकार संजय त्रिपाठी, गजानन जायसवाल, उदय शर्मा और सुधीर पाण्डेय और मनीष भण्डारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

इन धाराओं में केस है दर्ज
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 308, 120 बी, 420, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 8, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 के सेक्शन 15, आईटी एक्ट 2000 के सेक्शन 66 के तहत केस दर्ज हैआक्सीजन कांड में गिरफ्तार निलंबित प्राचार्य डा. राजीव मिश्रा, पूर्व प्राचार्य की पत्नी डा. पूर्णिमा शुक्ला,  एनेस्थीसिया के हेड डा. सतीश कुमार, लेखा विभाग के लिपिक सुधीर पांडेय भी बुधवार को अदालत में पेश हुए। उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि पूर्ण होने पर पुलिस ने अदालत में पेश किया। फिलहाल सभी को जेल भेज दिया गया है।

बीआरडी मेडिकल कालेज के आक्सीजन प्रकरण की आरोपी पूर्व प्राचार्य डा. राजीव मिश्र की पत्नी डा. पूर्णिमा शुक्ला की तरफ से उनके अधिवक्ता ने जमानत की अर्जी डाली है। मंगलवार को जिला जज कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। जिसमें सुनवाई के लिए 26 सितम्बर की तारीख तय की गई है। आक्सीजन प्रकरण में डा. पूर्णिमा पर भ्रष्टाचार की धारा में केस दर्ज है। उन पर भ्रष्टाचार की धारा के साथ अलग से दो सेक्शन भी लगाया गया है।

Share on

Leave a Reply