दक्षिणी मैक्सिको गुरुवार रात को सबसे भीषण भूकंप से दहल उठा।

दक्षिणी मैक्सिको गुरुवार रात को सबसे भीषण भूकंप से दहल उठा। 8.2 तीव्रता वाले इस भूकंप में कम से कम 32 लोगों के मारे जाने की खबर है। अधिकारियों को आशंका है कि मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। माना जा रहा है कि यह भूकंप 100 साल में सबसे भीषण भूकंप है।
सबसे ज्यादा नुकसान जुचितान में हुआ है, जहां 17 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा टाबास्को राज्य में भी दो बच्चे दीवार गिरने के कारण दबकर मर गए। भूकंप के चलते लोगों को आधी रात को अपने घरों से भागना पड़ा। तटीय शहर टोनोला से करीब 100 किलोमीटर दूर चियापास में गुरुवार रात 11:49 (स्थानीय समयानुसार) यह तेज भूकंप आया। प्रशासन ने सुनामी की भी चेतावनी जारी की थी, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन सेंटर के मुख्यालय से राष्ट्रपति एनरिक पेना नितो ने कहा कि यह भूकंप काफी भयावह था और 100 साल में सबसे ज्यादा खतरनाक था। उन्होंने यह भी कहा कि मैक्सिको की 12 करोड़ की आबादी में से 5 करोड़ लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए हैं। हालांकि अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण ने रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 8.1 बताई है।
रात भर महसूस किए गए झटके :
तेज भूकंप के 4 घंटे बाद तक भी लोगों ने तेज झटके महसूस किए। प्रशासन के मुताबिक अगले चार घंटे तक 4.0 तीव्रता वाले 20 से ज्यादा झटके महसूस किए गए।
मैक्सिको में भूकंप का खतरा ज्यादा :
मैक्सिको 5 टैक्टोनिक प्लेट के ऊपर बसा हुआ है, जिससे वह दुनिया के उन देशों में शुमार है, जहां भूकंप का खतरा ज्यादा होता है। 1985 के भूकंप के बाद मैक्सिको की सरकार ने भवन निर्माण के नियमों को सख्त कर दिया था। साथ ही तटों पर भूकंप का अलर्ट जारी करने वाले सेंसर लगा दिए थे।

Share on

Leave a Reply