डाॅ महेन्द्र नाथ पाण्डेय: हिंसा के लिए जनता से माफी मांगे मायावती

एलायंस टुडे ब्यूरो

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता की चाह में हिंसा व अराजकता का माहौल बनाने के लिए मायावती को जिम्मेदार ठहराया। प्रदेश अध्यक्ष डाॅ महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि जनता मायावती से सवाल पूंछ रही है कि मायावती सरकार ने 29 अक्टूबर 2007 को एससी-एसटी एक्ट के दुरूपयोग को रोकने के लिए आदेश पारित किये थे। अब जबकि बिल्कुल वैसे ही उच्चतम न्यायालय ने अपनी भावना अभिव्यक्त की तो विरोध में हिंसा और अराजकता की राजनीति क्यों? भारत बंद के नाम पर हुई हिंसा और अराजकता के लिए मायावती जनता से माफी मांगे। डाॅ पाण्डेय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद भाजपा सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार की जरूरत बताते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। उन्होंने सारे दलित समाज से अपील की कि दलितों के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने वालों से सावधान रहें। मोदी और योगी सरकार सच्चे अर्थो में दलित समाज के कल्याण के लिए समर्पित है। डाॅ पाण्डेय ने योगी सरकार को धन्यवाद दिया कि बडे़ पैमाने पर हिंसा के लिए रचे गए षडयंत्र को पूरी तत्परता से तत्काल काबू किया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष डाॅ महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने विगत दिवस हुई प्रायोजित हिंसा और अराजकता पर निंदा एवं क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि पूज्यनीय बाबा साहेब आम्बेडकर एवं माननीय काशीराम जी की नीति एवं सिद्धान्तों के उलट मायावती हिंसा और अराजकता के हथकडों से राजनीतिक विसात बिछाने की कोशिश कर रही है। डाॅ पाण्डेय ने कहा कि मोदी सरकार ने ही एसटी-एससी अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक 2015 पारित कर दलितों के हितों की रक्षा करने का काम किया है। दलितों के खिलाफ 22 तरह के अपराध हुआ करते थे, जिन्हें मोदी सरकार ने कैटेगोराइज्ड करके 123 तरह के अपराध रजिस्टर किये हैं। डाॅ पाण्डेय ने कहा कि आज सबसे ज्यादा दलित विधायक और सांसद भाजपा के है। मोदी सरकार ने पूज्यनीय डाॅ आम्बेडकर से जुड़े स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया है। डाॅ अम्बेडकर अन्तर्राष्ट्रीय केन्द्र के निर्माण से डाॅ अम्बेडकर की विचारधारा विश्व क्षितिज पर पहुंचाने का काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। डाॅ पाण्डेय ने कहा कि पूरा देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ विकास पथ पर बढ़ चुका है। सपा-बसपा-कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल राजनीतिक जमीन के दरकरने पर जातिगत विद्वेष फैलाकर देश की शांति, सद्भाव को समाप्त करने का पाप कर रहे है, जिसके लिए जनता उन्हें क्षमा नहीं करेगी। डाॅ पाण्डेय ने कहा कि दलित वर्ग के लोग नौकरी देने वाले बने इसके लिए मोदी सरकार ने स्टैडअप के माध्यम से 2.5 लाख दलित उद्यमियों का लक्ष्य रखा है। बैचलर कैपिटल फंड योजना के तहत दलित जाति के युवकांे को 50 लाख से 15 करोड़ रूपये तक के ऋण की व्यवस्था की है। दलितों के लिए अलग से मुद्रा बैंक प्रारम्भ हुए है। प्रधानमंत्री आवास, उज्जवला, मुद्रा बैंक, जीवन बीमा सहित केन्द्र सरकार की सभी योजनओं का सबसे ज्यादा लाभ दलितों को हुआ हैैै। डाॅ पाण्डेय ने कहा कि मोदी सरकार और योगी सरकार की दलितों के आर्थिक और सामाजिक उत्थान एवं राजनीतिक भागीदारी के काम में प्राणार्पण से जुटी है, जिससे घबराकर मायावती वैमनस्य फैलाने का पाप कर रही है।

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