जम्मू कश्मीरः बारामूला में गिरफ्तार आतंकवादी ने कहा- भारतीय सेना ने मुझे नई जिंदगी दी

एलायंस टुडे ब्यूरो

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के बारामूला में गिरफ्तार किए गए एक आतंकवादी ने कहा कि सेना ने उसे मारने के बजाय गिरफ्तार कर नई जिंदगी दी है। आतंकी ने चरमपंथियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने का भी आग्रह किया है। उसने अपने साथियों से यह गुजारिश एक वीडियो में की है जो वायरल हो गई है। आतंकवादी ने दो मिनट के वीडियो में कहा कि मेरा नाम एजाज अहमद गोजरी है। मैं, अपने परिवारों को छोड़, गलत रास्ते पर चले गए और जंगलों में रह रहे दोस्तों सुहैब अखून, मोहसीन मुश्ताक भट्ट और नासिर अमीन द्राजी से घर लौटने की गुजारिश करता हूं। मैं नासिर से गुजारिश करता हूं कि वापस आ जाए क्योंकि उसकी मां बहुत बीमार है। यह वीडियो उसके सेना की हिरासत में रहने के दौरान शूट किया गया है। एजाज ने वीडियो में कहा कि हमने सैन्य कर्मियों पर गोलियां चलाईं लेकिन उन्होंने हम पर गोलियां नहीं चलाईं। मैं मौके से भागकर जंगल में छुप गया, लेकिन सेना ने मुझे ढूंढ लिया और मुझे मारने के बजाय, उन्होंने मुझे गिरफ्तार कर लिया और मुझे नई जिंदगी दी। आतंकी एजाज ने बताया कि पाकिस्तान कश्मीरी युवाओं को गुमराह कर रहा है। गोजरी ने कहा कि हमारे पाकिस्तान में बैठे नेता, भारतीय सेना के बारे में हमें गलत जानकारी देते हैं जो सच नहीं है। आपको आना चाहिए और सेना के अफसरों से मिलना चाहिए। यह एक साजिश है जिसमें वे (पाकिस्तानी) हमारी जिंदगियों से खेल रहे हैं।

चार आतंकी समेत 10 लोग पकड़े गए थे

उत्तर कश्मीर में बुधवार को लश्कर-ए-तैयबा के एक मॉड्यूल का भांडाफोड़ कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें वे चार दहशतगर्द भी शामिल हैं जो 30 अप्रैल को बारामूला में तीन लड़कों की हत्या के लिए कथित रूप से जिम्मेदार है। कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक स्वयं प्रकाश पाणि ने बताया था कि हमारे पास यह बताने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं कि गैर कानूनी संगठन लश्कर-ए-तैयबा समूह का हाथ उत्तर कश्मीर में हिंसा भड़काने और बेगुनाह लोगों की हत्या करने में है।

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