गरीबों को नहीं मिल रहा सरकारी अस्पतालों में इलाज

-समाजसेवियों ने उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया
एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ। योगी राज में भी सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों का बुरा हाल है। उन्हें समुचित इलाज नहीं मिल रहा है। कानपुर में हैलट अस्पताल में एक गरीब मरीज के टूटे पैर का इलाज नहीं हुआ। समाजसेवियों ने उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती करा दिया है।
कानपुर बस स्टेशन के निकट मलिन बस्ती के रहने वाले बच्चे लाल के पैैर में फैक्चर होने पर उसे आठ अक्टूबर को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां के चिकित्सकों ने पैर का आपरेशन करने व उसमें राड डालने की बात कही। इस दौरान उनसे 18 हजार रूपये मांगे गये। गरीब मरीज मांगी गई धनराशि जमा करने में अस्मर्थ रहे। उन्होंने सरकारी खर्च में इलाज करने की बात कही, पर चिकित्सकों ने उनका इलाज करने से मना कर दिया और अस्पताल छोड़कर चले जाने की बात कही। इस पर गरीब मरीज बगैर इलाज से वापस लौटने लगा। इनकी जानकारी होने पर समाज सेवी संगीता श्रीवास्तव ने अपने साथियों फहीम अहमद, राम दत्त, उमेश श्रीवास्तव व अनिल कुमार गुप्ता के साथ मरीज को स्थानीय उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया।
इस सिलसिले में हैलट अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डाॅ आरसी गुप्ता ने बताया कि मरीज का इलाज न होने की शिकायतें अक्सर आती रहती हैं। जरा सा असंतुष्ट होने पर मरीज चिकित्सकों पर पैसा मांगने की शिकायत करने लगते हैं, पर वास्तव में ऐसा नहीं होता। शिकायत आने पर वह इसकी जांच कराते हैं। उन्होंने कहा कि अस्तपताल में इलाज सही ढंग से हो रहा है, इसी कारण हर साल मरीज बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे लाल के प्रकरण में उनसे कोई शिकायत नहीं की गई है।
जबकि समाजसेवी संगीता श्रीवास्तव व अनिल कुमार गुप्ता का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे मरीजों का बुरा हाल है। हैलट अस्पताल में गरीब मरीज इलाज के लिए परेशान हो रहे हैं। इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

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