एससी/एसटी एक्ट पर पुनर्विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार, 3 मई को होगी याचिका पर सुनवाई


एलायंस टुडे ब्यूरो

नई दिल्ली। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससीध्एसटी) एक्ट पर पुनर्विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई की तारीख 3 मई रखी है। याचिका में एक्ट के खिलाफ कोर्ट के फैसले पर पुनरू विचार करने की मांग की गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने मामले से जुड़े लिखित दस्तावेज कोर्ट में जमा कर दिए हैं और इन्हीं के आधार पर जज एके गोयल और दीपक गुप्ता की संवैधानिक पीठ सुनवाई करेगी। वेणुगोपाल ने कोर्ट से कहा कि कोर्ट की मांग पर मामले से जुड़ी जानकारियां लिखित में जमा कर दी गई है। साथ ही चार राज्यों ने भी पुनरू विचार याचिका दर्ज की है।गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक निर्णय में एससीध्एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाने को कहा था। इसका दलित संगठनों की ओर से विरोध भी किया गया। इससे पहले भी दायर की गई पुनर्विचार याचिका की सुनवाई में भी कोर्ट ने कहा था कि जो लोग विरोध कर रहे हैं उन्होंने हमारा आदेश नहीं पढ़ा है और शीर्ष अदालत ने अपने फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। दलितों व आदिवासियों के उत्पीड़न पर सीधे गिरफ्तारी और केस दर्ज होने पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरोध में दो अप्रैल को दलित संगठनों ने भारत बंद किया था। इश दौरान यूपी के कई हिस्सों में हिंसा के कई मामले सामने आए थे। यूपी के अलावा बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश व कई राज्यों में प्रदर्शनकारी उग्र हो गए थे। दूसरी ओर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भाजपा को दलित विरोधी करार दे दिया। वहीं विरोध प्रदर्शन के चलते सवालों में घिरी भाजपा ने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को भीमराव आंबेडकर के नाम पर राजनीति न करने की नसीहत दी। एक कार्यक्रम में पीएम ने विपक्ष पर आंबेडकर के नाम का महज सियासी इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि इस सरकार ने आंबेडकर का सम्मान बढ़ाने के लिए जितना काम किया है उतना किसी ने नहीं किया होगा। पीएम ने कहा था कि आंबेडकर को राजनीति में घसीटने के बदले उनके दिखाए रास्ते पर चलने की जरूरत है। पूर्व की यूपीए सरकार के दौरान संविधान निर्माता आंबेडकर के नाम पर सिर्फ राजनीति की गई। पीएम ने वाजपेयी सरकार के आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र की स्थापना की योजना को यूपीए सरकार द्वारा ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाया।

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