आरुषि-हेमराज हत्याकांडः रिहाई आज

आरुषि.हेमराज मर्डर केस में इकलौती बेटी की हत्या के आरोप से बरी होने के बाद तलवार दंपति आज डासना जेल से रिहा हो सकते हैं। इसके लिए हाईकोर्ट से पौने तीन सौ पेज की सत्यापित कॉपी आज सीबीआई की विशेष अदालत में पेश की जाएगी। जेल से रिहा होने के बाद तलवार दंपति मंदिर और गुरुद्वारे में मत्था टेकेंगे। तलवार दंपति के अधिवक्ता मनोज सिसौदिया दिया ने बताया कि शनिवार को उन्हें हाईकोर्ट के आदेश की सत्यापित कॉपी मिल गई है। इसमें 437ए की कार्यवाही का उल्लेख हैए जिसके तहत उन्हें सोमवार को अदालत में बेल बांड भरना होगा। इस आदेश के तहत दोनों की रिहाई के लिए एक.एक लाख रुपये के दो.दो जमानती पेश करने होंगे। इसकी पूरी तैयारी हो चुकी है। इस आदेश में हाईकोर्ट ने जो भी दिशा निर्देश दिए हैंए उनको पूरा करने की तैयार कर ली गई है। यदि सब कुछ सामान्य रहा तो आज शाम 6 बजे तलवार दंपति डासना जेल से रिहा कर दिए जाएंगे। मत्था टेकेंगे तलवार दंपति जेल से रिहाई के बाद तलवार दंपति मंदिर और गुरुद्वारे में मत्था टेकेंगे। सूत्रों के अनुसार डाण् राजेश तलवार के भाई डाण् दिनेश तलवारए ससुरए सास समेत परिवार के अन्य सदस्य उन्हें लेने जेल जाएंगे। इसके बाद तलवार दंपति के नोएडा जाने की संभावना है। नोएडा में डाण् नूपुर के माता.पिता सेक्टर.25 जलवायु विहार में रहते हैं। डाण् तलवार के एल.32 स्थित जिस घर में आरुषि की हत्या हुई थी। उससे कुछ कदम की दूरी पर ही यह घर है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि डाण् तलवार अपने एल.32 स्थित घर भी जा सकते हैं। अभी इस घर में किराएदार रहते हैं। आरुषि के नाना बीजी चिटनिस ने बताया कि 4 साल तक जेल में रहने के बाद उनकी बेटी व दामाद दोनों को कुछ समय सुकून चाहिए।डासना जेल अधीक्षक दधिराम मौर्य ने बताया कि आदेश की कॉपी मिलने के बाद भी 30.45 मिनट तक कागजी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद डॉण् राजेश तलवार और डॉण् नूपुर तलवार को जेल से रिहा कर दिया जाएगा। मरीजों का उपचार करेंगे तलवार दंपति डासना जेल में मरीजों का उपचार करते थे। दोनों ने दांतों से जुड़ी बीमारी का अच्छे से उपचार किया। इसका जेल प्रशासन को भी लाभ मिला। तलवार दंपति ने जेल प्रशासन से इच्छा जताई कि रिहा होने के बाद भी वह हर 15 दिन में जेल आकर मरीजों का उपचार करेंगे। इसके लिए जेल प्रशासन ने अनुमति दे दी है।डासना जेल में बंद राजेश और नूपुर तलवार का व्यवहार जेल में काफी अच्छा रहा। हर तीन माह की समीक्षा में तलवार दंपति हमेशा अव्वल रहे। दोनों ने जेल के नियम और कानून को अच्छे से पालन किया। इन चार साल में दोनों का किसी भी कैदी से विवाद नहीं हुआ। जिला जेल अधीक्षक दधिराम मौर्य के अनुसारए डॉक्टर राजेश और नूपुर तलवार ने जेल में चार साल नियम के हिसाब से काटे। यही नहींए जेल में बंद कैदियों के साथ उनका तालमेल अच्छा रहा। चार साल में उनकी कोई शिकायत नहीं मिली। जेल नियमों का हर तरह से पालन किया गया।
तलवार दंपति के अधिवक्ता ने एसएसपी को पत्र लिखकर जेल से रिहाई के बाद डॉक्टर राजेश और नूपुर तलवार की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा है कि डॉण् राजेश तलवार पर पहले भी हमला हो चुका हैए ऐसे में उन्हें सुरक्षा दी जाए।आरुषि.हेमराज हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट ने 25 मई 2012 को तलवार दंपति पर चार्ज फ्रेम किए थे। उसके बाद सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसण् लाल की कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में डे.टू.डे सुनवाई करके जल्द से जल्द फैसला करने के आदेश दिए थे। इस मामले में 12 नवंबर 2013 को अंतिम सुनवाई संपन्न हुई और फैसले के लिए 25 नंवबर 2013 की तिथि तय की गई। मामले की सुनवाई 18 माह तक चलीए जिसमें दोनों पक्षों की ओर से कुल 46 गवाह पेश हुए। इस मामले में 18 माह में 212 दिन कोर्ट में सुनवाई हुई थी। डॉण् आंद्रे सेमीखोस्की की गवाही ने सीबीआई को परेशान किया तलवार दंपति की ओर से अपने बचाव में लंदन के डीएनए जांज विशेषज्ञ डॉण् आंद्रे सेमीखोस्की को गवाह के रूप में पेश किया। डाण् आंद्रे ने सीबीआई से डीएनए की जांच रिपोर्ट का रॉ डाटा मांगा था। उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया था कि सीबीआई की ओर से जो डीएनए रिपोर्ट पेश की गई थी वह अधूरी थी। यदि उनको डीएनए की जांच रिपोर्ट का रॉ डाटा उपलब्ध करा दिया जाए तो वह सही रिपोर्ट दे सकते हैं। उन्होंने खूखरी व दीवार के उस टुकड़े को जिस पर खून के पंजे का निशान लगा हुआ थाए की दोबारा डीएनए जांच लंदन के कराए जाने की मांग की थी। इस पर तलवार दंपति की ओर से दोनों की डीएनए जांच लंदन से कराए जाने की मांग की गई लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। डॉण् आंद्रे की गवाही को लेकर सीबीआई सबसे ज्यादा परेशान दिखी थी। नहीं कराई गई पत्रकार नलिनी सिंह की गवाही अंतिम सुनवाई के दौरान एक नया राज सामने आयाए जिसमें नेपाल.वन की चैनल हेड नलिनी सिंह ने खुलासा किया कि सीबीआई के एक अधिकारी ने उनसे कहा था कि नौकरों ने नार्को टेस्ट में कहा था कि घटना की रात वह हेमराज के कमरे में थे और नेपाल वन चैनल पर गाने देख रहे थे। उन्होंने उस दिन की चैनल प्रोग्राम लिस्ट भी सीबीआई को उपलब्ध कराई थी। इस खुलासे के बाद इस मामले में नया मोड़ आया। तलवार दंपति की नलिनी सिंह को कोर्ट में पेश कराने की मांग को सीबीआई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। 23 मई 2008 को डॉण् राजेश तलवार को दोहरे हत्याकांड के जुर्म में गिरफ्तार किया गया। उसके बाद 12 जुलाई 2008 को डॉण् राजेश को सबूतों के अभाव में जमानत पर रिहा कर दिया गया। उसके बाद मार्च 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने तलवार दंपति पर गाजियाबाद में मुकदमा चलाने के आदेश दिए। सीबीआई की अपील पर 11 अप्रैल 2012 को अदालत ने नूपुर तलवार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए। 27 अप्रैल 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर को सरेंडर करने का आदेश दिया। उसके बाद 30 अप्रैल 2012 को नूपुर तलवार ने सीबीआई की विशेष अदालत में सरेंडर किया। पांच माह जेल में रहने के बाद 25 सितंबर 2012 को उनको जमानत मिली और वह जेल से रिहा हुई।

हत्याकांड के मुख्य पड़ाव
16 मई 2008 आरुषि तलवार का शव फ्लैट में मिला
17 मई 2008 हेमराज का शव छत पर पाया गया
23 मई 2008 नोएडा पुलिस ने तलवार को गिरफ्तार किया
31 मई 2008 आरुषि हत्याकांड की जांच सीबीआई के हाथ
11 जुलाई 2008 तलवार को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट से जमानत मिली
29 दिसंबर 2010 सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की
25 जनवरी 2011 राजेश तलवार पर कचहरी में कातिलाना हमला
09 फरवरी 2011 राजेश और नूपुर तलवार हत्याकांड में प्रथम दृष्टया दोषीए कोर्ट ने तलब किया
18 मार्च 2011 हाईकोर्ट ने तलवार दंपति की याचिका खारिज की
6 जनवरी 2012 सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिजए मुकदमा चलाने की मंजूरी
2 मार्च 2012 सुप्रीम कोर्ट ने तलवार दंपत्ति पर गाजियाबाद में मुकदमा चलाने के आदेश दिए।
11 अप्रैल 2012 नूपुर तलवार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
18 अप्रैल 2012 नूपुर के खिलाफ नया गैर जमानती वारंट जारी
27 अप्रैल 2012 सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर को सरेंडर करने का आदेश दिया
30 अप्रैल 2012 नूपुर ने कोर्ट में सरेंडर किया
25 मई 2012 तलवार दंपति पर हत्या का चार्ज फ्रेम
07 जून 2012 सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर की पुनर्विचार याचिका खारिज की
25 सितंबर 2012 नूपुर तलवार को मिली जमानतए जेल से रिहा
25 सितंबर 2013 अंतिम बहस के लिए फाइल पर फैसला
10 अक्तूबर 2013 अभियोजन पक्ष की ओर से अंतिन बहस पर सुनवाई शुरू
17 अक्तबूर 2013 अभियोजन पक्ष ने अंतिम बहस पर सुनवाई पूरी की
24 अक्तूबर 2013 बचाव पक्ष की ओर से अंतिम बहस पर सुनवाई शुरू
12 नवंबर 2013 बचाव पक्ष की अंतिम बहस पर सुनवाई पूरीए 212 पेज का लिखित बयान कोर्ट में पेश।
12 नवंबर 2013 अदालत ने मामले में फैसले के लिए 25 नवंबर की तिथि तय की।
25 नवंबर 2013 अदालत ने डॉण् राजेश तलवार व डॉण् नूपुर तलवार को आरुषि की हत्या का दोषी माना।
26 नवंबर 2013 सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसण् लाल ने दोनों को आजीवन कैद की सजा सुनाई।
जनवरी 2014 तलवार दंपति की ओर हाईकोर्ट में अपील दायर की गई।
12 अक्तूबर 2017 इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों को इस मामले में बरी कर दिया।

 

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