अगर करेंगे ये उपाय तो बजरंग बली करेंगे आपकी इच्छापूर्ति


(अनुपम चन्द्र)

ये उपाय अपनाकर हम जीवन में तरक्की, नाम, सुख-समृद्धि आदि प्राप्त कर सकते हैं। पहला उपाय है, घर में छोटे मंदिर की स्थापना करवाना। मंदिर की स्थापना कराते समय यह ध्यान रखें कि इसमें जो भी प्रतिमा रखें, उनकी प्राण-प्रतिष्ठा जरूर हो। उसके बाद ही इन्हें स्थापित करें।अहंकार एक ऐसा शब्द है, जो आपके ज्ञान, तरक्की, यश को हर लेता है। नाम और शोहरत कमानी है, तो अहंकार को त्यागना जरूरी है। धार्मिक ग्रंथों में इस बात का स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि अहंकारी व्यक्ति का कभी भी नाम नहीं होता। जिस व्यक्ति के भीतर अहंकार का भाव आ जाता है, उसका विनाश निश्चित है। जो व्यक्ति प्रतिदिन भगवान का भजन-पूजन करता है, वह सब प्रकार के दुखों से मुक्त रहता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, यदि आप अपनी राशिनुसार, देवी या देवता का नित्य पूजन करते हैं, तो इससे आपकी ख्याति दूर-दूर तक फैलती है और कार्यसिद्धि भी होती है।यही नहीं, जिस घर में नित्य तुलसी पूजन होता है, उस घर के सदस्य खासकर परिवार के मुखिया और स्त्री विशेष लाभ कमाते हैं। गौमाता के भीतर सभी देवी-देवताओं का वास माना गया है। मान्यता है कि नित्य गाय को रोटी, हरा चारा खिलाने से जीवन में सुखों की प्राप्ति होती है। गौ सेवा करने वाले लोगों के घर में देवी लक्ष्मी और सरस्वती का वास होता है। इससे घर में सुख समृद्धि आती है। हिंदू धर्मशास्त्रों में हनुमान पूजन और यज्ञ का भी विशेष महत्व बताया गया है। तमाम प्रयास के बाद भी अगर घर में बरकत नहीं है, तो ऐसे में हनुमान जी की आराधना करना विशेष फलदायी होता है। घर में हर तीसरे माह हनुमान यज्ञ या साल में एक बार सुंदरकांड का पाठ भी करवाया जा सकता है। ऐसा करने से मनुष्य के ऊपर से सभी बुरे प्रभाव खत्म हो जाते हैं और उसे व उसके परिवार को कभी भी किसी की बुरी नजर नहीं लगती। धार्मिक मतानुसार, हनुमान चालीसा, रामचरित मानस, महामृत्युजंय मंत्र, गायत्री मंत्र का निरंतर जाप करने से व्यक्ति खूब नाम कमाता है। प्रसिद्धि पाने के लिए रोजाना 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप रोजाना करना चाहिए। गायत्री मंत्र अपनी इच्छानुसार जप सकते हैं। इनमें से किसी एक मंत्र को विधिवत रूप से जपेंगे, तो निश्चय लाभ होगा। किसी भी सोमवार को शिव मंदिर में गौरी-शंकर रुद्राक्ष चढ़ाएं। इसके अलावा प्रतिदिन या हर सोमवार को नियमित रूप से बेलपत्र पर सफेद चंदन का टीका लगाकर मन में भगवान शिव का ध्यान करते हुए इच्छा बोलें और शिवलिंग पर चढ़ाएं। देखा जाता है कि प्रभुकृपा से हम कमाते तो बहुत हैं, लेकिन अपनी आय से एक भी हिस्सा जरूरतमंदों की मदद के लिए खर्च नहीं करते। जबकि गरीब-असहाय लोगों को भोजन कराने, वस्त्र दान करने, अनाज दान करने, बच्चों को शिक्षित करने, दवा आदि देने से आप पर ईश्वर की कृपा बनी रहती है और लाभ के द्वार खुल जाते हैं। ऐसा करने से समाज में आपका नाम भी होता है। र्मिक मान्यतानुसार, किसी विधवा स्त्री की मदद करना, किसी गरीब कन्या का विवाह कराना, विकलांग, व्यक्ति को भोजन कराना, 101 पेड़ लगवाना, गाय दान देना आदि ऐसे उपाय हैं, जो जीवन में सुख-शांति और समृद्वि लाने के साथ आपकी ख्याति भी बढ़ाते हैं। इस तरह के कार्य करते रहने से भगवान तो प्राप्त होते ही हैं, साथ ही मानसिक लाभ भी प्राप्त होता है।

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