TikTok App ने एक शख्स को अपने बिछड़े हुए परिवार से मिलाया, जानें कैसे

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एलायंस टुडे ब्यूरो

नई दिल्ली। पंजाब पुलिस के कॉन्स्टेबल अजायब सिंह का एक टिकटॉक (ज्पाज्वा) वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. आपको बताते हैं आखिर क्यों यह वीडियो वायरल हो रहा है. पंजाब पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत अजायब सिंह ने मार्च महीने में रोड पर घूमते हुए एक शख्स को खाना देते हुए वीडियो शेयर किया था।

इस वीडियो के जरिए वह रोड पर गरीब, भूखे लोगों की मदद के लिए लोगों को जागरूक करना चाहते थे. लेकिन अजायब सिंह के इस वीडियो ने शेयर होने के बाद ही सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया।

https://www.tiktok.com/@goldypp99/video/6808533262332415233

इस टिकटॉक वीडियो में आप देखेंगे कि लुधियाना के एक फ्लाईओवर के नीचे पुलिस कांस्टेबल अजायब सिंह एक शख्स को खाना दे रहा है। जब यह वीडियो वायरल होने लगा तब पता चला वीडियो में दिख रहे शख्स का नाम आर वेंकटेश्वरलू है. वह अपने परिवार से दो साल पहले बिछड़ गया था. लेकिन इस वीडियो के माध्यम एक बार फिर से वह अपने परिवार से मिलने में कामयाब हुआ।

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खबरों के मुताबिक वेंकटेश्वरलू साल 2018 में तेलंगाना से लुधियाना आया था. जब इस वीडियो को उसके एक दोस्त ने देखा तो उनके परिवारवालों को बताया, जो दो साल से उसे ढूंढ़ने की कोशिश कर रहे थे। उसके बाद उनकी फैमिली वालों ने पंजाब पुलिस से संपर्क किया, जिसने बाद वेंकटेश्वरलू को उनके घरवालों के पास पहुंचा गया।

https://www.tiktok.com/@goldypp99/video/6808789735746571521

इस टिकटॉक वीडियो में आप देख सकते हैं कि लुधियाना के एक फ्लाईओवर के नीचे पुलिस कांस्टेबल अजायब सिंह वेंकटेश्वरलू को खाना खिलाते हुए नजर आ रहे हैं, जब खाना देने के बाद उनसे बात करने की कोशिश की गई. तो उन्होंने पुलिसवालों को इशारों में बताया कि वह बोल और सुन नहीं सकते हैं।

आपको बता दें कि टिकटॉक के इस वीडियो को अबतक 1 करोड़ 20 लाख से अधिक बार देख जा चुका है. सिर्फ इतना ही नहीं 10 लाख से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं. इस वीडियो पर लोगों ने बेहद इमोशनल कमेंट भी किये. साथ ही वेंकटेश्वरलू को अपने फैमिली से वापस मिलने के लिए बधाई भी दी।

बता दें कि वेंकटेश्वरलू के पिता भी मजदूर हैं इसलिए 2018 में रोजगार की तलाश में वेंकटेश्वरलू एक ट्रक में बैठकर तेलंगाना से पंजाब आए थे. लेकिन सफर के दौरान ट्रक ड्राइवर ने उन्हें बीच रास्ते में उतार दिया।

ऐसे अनजान रास्ते में उतरने के बाद उन्हें कुछ पता नहीं चला और वह भटक गए. हालांकि उनके परिवारवालों ने वेंकटेश्वरलू को तेलंगाना पुलिस की मदद से खोजने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नाकामयाब रहे।

फिलहाल कोरोनावायरस लॉकडाउन के कारण वेंकटेश्वरलू को लेने उनके बेटे पेडिराजु स्पेशल परमिट लेकर लुधियाना पहुंचे. और मंगलवार को दोनों अपने गांव लौट गए हैं। जब इस पूरे मामले पर वेंकटेश्वरलू के बेटे से बातचीत कि गई तो उनके बेटे ने कहा, सबले पहले मैं उन्हें घर का बना गरम चावल खिलाउंगा।

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