पीएफ घोटाला:बिजली कर्मचारी-अभियंता सपरिवार सड़क पर उतरे

alliancetoday
alliancetoday

एलायंस टुडे ब्यूरो

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के आह्वान पर आज सैकड़ों की तदाद में बिजली कर्मचारी व अभियन्ता न्याय पाने के लिए प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कों पर उतरे। रैली में बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारियों के परिवार की महिलायें व बच्चे भी रैली में शामिल हुए। अपने भविष्य को लेकर चिन्तित बच्चे रैली में सबसे आगे चल रहे थे। रैली राणा प्रताप मार्ग स्थित हाईडिल फील्ड हास्टल से शुरू होकर सिकन्दरबाग चैराहा होते हुए शक्ति भवन पहुंची। शक्ति भवन पर आक्रोशित बिजली कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की।

alliancetoday
alliancetoday

रैली के बाद हुई एक सभा में यह निर्णय लिया गया कि अगर उप्र सरकार द्वारा बिजली कर्मियों के पीएफ भुगतान की गारण्टी लेने की मांग पूरी नहीं हुई और पूर्व चेयरमैन को गिरफ्तार नहीं किया गया तो प्रदेश के तमाम बिजली कर्मचारी-अभियन्ता 18 व 19 नवम्बर को 48 घण्टे का कार्य बहिष्कार करेंगे। पारित प्रस्ताव में यह भी चेतावनी दी गयी है कि अगर शान्तिपूर्ण आन्दोलन के कारण किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न किया गया तो सभी ऊर्जा निगमों के तमाम अधिकारी व कर्मचारी बिना और कोई नोटिस दिये उसी समय सीधी कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार व प्रबंधन की होगी।

alliancetoday
alliancetoday

बिजली कर्मचारियों के आन्दोलन को समर्थन देने के लिए उप्र सरकार के कर्मचारी संघों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में रैली में सम्मिलित हुए जिनमें जवाहर भवन इंदिरा भवन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सतीश पांडे, महामंत्री सुशील कुमार बच्चा, उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कमलेश मिश्र, उप्र इंजीनियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरजीत सिंह निरंजन तथा महासचिव आशीष यादव, कलेक्ट्रेट यूनियन के अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, यूपी फेडरेशन आॅफ मिनिस्टीरियल सर्विस एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेन्द्र प्रताप सिंह, सुपरवाइजर एसोसिएशन बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की प्रांतीय अध्यक्ष रेनू शुक्ला, उप्र जल निगम समन्वय समिति के संयोजक वाई एन उपाध्याय, उप्र जल निगम इंजीनियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डीपी मिश्रा व उप्र जल निगम इंजीनियर्स एसोसिएशन के सचिव नौशाद अहमद मुख्यतः उपस्थित थे।

alliancetoday
alliancetoday

संघर्ष समिति की मुख्य मांग है कि पावर सेक्टर इम्प्लाइज ट्रस्ट एवं अंशदायी निधि ट्रस्ट की जीपीएफ एवं सीपीएफ की धनराशि के भुगतान का उत्तरदायित्व उप्र सरकार ले और इस सम्बन्ध में आवश्यक गजट नोटिफिकेशन जारी करे। संघर्ष समिति की दूसरी मांग यह है कि घोटाले के मुख्य आरोपी पावर कारपोरेशन के पूर्व चेयरमैन, जो ट्रस्ट के अध्यक्ष भी थे, को सेवा से बर्खास्त कर तत्काल गिरफ्तार किया जाये जिससे घोटाले की जड़ तक पहुंचा जा सके।
लखनऊ में हुई सभा को संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारियों शैलेन्द्र दुबे, राजीव सिंह, गिरीश पाण्डेय, सदरूद्दीन राना, सुहैल आबिद, राजपाल सिंह, राजेन्द्र घिल्डियाल, विनय शुक्ला, शशिकान्त श्रीवास्तव, महेन्द्र राय, वी सी उपाध्याय, डी के मिश्र, करतार प्रसाद, कुलेन्द्र प्रताप सिंह, मो इलियास, पी एन तिवारी, परशुराम, ए के श्रीवास्तव, पी एन राय, भगवान मिश्र, के एस रावत, आर एन यादव, आर एस वर्मा, पी एस बाजपेई, अमिताभ सिन्हा ने मुख्यतया सम्बोधित किया।

प्रमुख मांगें-

आज हुई आम सभा में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र ने प्रस्ताव पारित कर उप्र सरकार से कई मांग की।
-उप्र स्टेट पावर सेक्टर इम्प्लाइज ट्रस्ट व उप्र पावर कारपोरेशन अंशदायी भविष्य निधि ट्रस्ट की जीपीएफ व सीपीएफ की धनराशि के भुगतान का उत्तरदायित्व लेकर उप्र सरकार एक गजट नोटिफिकेशन जारी कर विद्युत कर्मचारियों के प्राविडेन्ट फण्ड का भुगतान सुनिश्चित करे।
-घोटाले के दोषी उप्र पावर कारपोरेशन के पूर्व चेयरमैन एवं अन्य उच्च पदस्थ आईएएस अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाये तत्काल गिरफ्तार किया जाये।
-उप्र स्टेट पावर सेक्टर इम्प्लाइज ट्रस्ट व उप्र पावर कारपोरेशन अंशदायी भविष्य निधि ट्रस्ट की सम्पूर्ण धनराशि के निवेश का श्वेत पत्र जारी किया जाये। श्वेत पत्र में यह स्पष्ट किया जाये कि बिजली कर्मचारियों की जीपीएफ व सीपीएफ की कितनी-कितनी धनराशि का किस-किस संस्था में कितनी-कितनी अवधि के लिए किस-किस स्कीम में निवेश किया गया है। श्वेत पत्र से कर्मचारियों की पीएफ धनराशि की सही तस्वीर सामने आ सकेगी।

Share on
Loading Likes...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *