महाराष्ट्र में अब राष्ट्रपति शासन! जानें क्यों

alliancetoday
alliancetoday

एलायंस टुडे ब्यूरो

मुम्बई। पिछले करीब 20 दिनों से चल रही खींचतान के बाद महाराष्ट्र में अब राष्ट्रपति शासन लग सकता है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की ओर से राष्ट्रपति शासन की सिफारिश को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस फैसले के खिलाफ शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है।
सूत्रों के मुताबिक शिवसेना ने इस फैसले के खिलाफ सीनियर वकील कपिल सिब्बल के जरिए शीर्ष अदालत जाने का फैसला लिया है। बीजेपी के बाद गवर्नर ने सरकार बनाने के लिए शिवसेना और फिर एनसीपी को एक दिन का वक्त दिया था, जो आज रात साढ़े आठ बजे समाप्त हो रहा है।
सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की ओर से राष्ट्रपति शासन की सिफारिश व केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रेजिडेंट रामनाथ कोविंद की मंजूरी होने पर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लग जाएगा। इस बीच शिवसेना ने इस सिफारिश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। शिवसेना की ओर वकील सुनील फर्नांडिज ने अर्जी दायर की है। शिवसेना ने अपनी याचिका में गवर्नर की ओर से पार्टी को सरकार गठन के लिए दिए गए समय को न बढ़ाने पर सवाल उठाए हैं।

संविधान के मुताबिक सरकार के आसार नहीं
राजभवन ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश भेजते हुए कहा कि महाराष्ट्र में संविधान के मुताबिक सरकार का गठन मुश्किल है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने संविधान के अनुच्छेद 370 को इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा की है।

ब्राजील गए पीएम मोदी
कैबिनेट मीटिंग के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ब्रिक्स देशों की मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए ब्राजील रवाना हो गए हैं।

Share on
Loading Likes...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *