लोकसभा चुनाव के चलते Social Media पर तेज नजर

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एलायंस टुडे ब्यूरो

नई दिल्ली। चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक पार्टियों, उनके समर्थकों और प्रशासन की हर तरफ हलचल तेज हो गई है। पार्टी, नेता और समर्थक जहां अपने पक्ष में मूड बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं वहीं प्रशासन और चुनाव आयोग का ध्यान इस दौरान होने वाले अनैतिक कामों को रोकने की तरफ है। सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए चुनाव आयोग इसपर भी निगरानी रखे हुए है। ऐसे में किसी भी संदेश, विडियो आदि को आगे भेजने से पहले आपको सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

चुनाव में सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी खबरों और नफरत फैलाने वाली सामग्री के प्रसार को रोकने के लिये चुनाव आयोग इस पर सख्त निगरानी रखेगा। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह ने सोमवार को कहा कि चुनाव में सोशल मीडिया के प्रयोग संबंधी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके संदर्भ में नोएडा के अधिकारियों ने भी चेतावनी दी है। बताया गया है कि सोशल मीडिया में फॉरवर्ड मेसेज व टिप्पणियों पर कमिटी की पैनी नजर रहेगी। वहीं माहौल बिगाड़ने की जिन्होंने भी कोशिश की उनके खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया जाएगा। इसलिए बिना पूरी बात जाने किसी भी संदेश को ग्रुप्स या किसी शख्स को न भेजें।

चुनाव आयोग नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी नजर रखेगा। सभी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करते वक्त अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी देने को कहा गया है। साथ ही उन्हें सोशल मीडिया पर जारी होने वाले सभी राजनीतिक विज्ञापनों के लिए पहले से मंजूरी लेनी होगी।श् यही नहीं चुनाव आयोग ने गूगल, फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब से राजनीतिक दलों से मिलने वाले विज्ञापनों का वेरिफिकेशन करने को कहा है। असल में इसके जरिए चुनाव आयोग किसी भी तरह के प्रॉपेगेंडा मैटिरियल पर रोक लगाना चाहता है। ईसी ने यह भी बताया है कि सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर जारी विज्ञापनों के खर्च को उम्मीदवारों के कुल खर्च में जोड़ा जाएगा।

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