पाकिस्तान को देने जवाब भारत लेगा चीन का साथ


एलायंस टुडे ब्यूरो

नई दिल्ली। आतंकवाद पर पाकिस्तान को अलग थलग करने के लिए भारत चीन का सहयोग हासिल करने की लगातार कोशिश कर रहा है। भारत की ओर से नियमित अंतराल पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की जानकारी चीन को रणनीतिक स्तर पर दी जा रही हे। भारत को उम्मीद है कि चीन के रुख में परिवर्तन देखने को मिल सकता है। फायनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक में भी पाकिस्तान को चीन की ओर से जिस पुरजोर समर्थन की उम्मीद थी वह नहीं मिला। कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि यह भारत के प्रयासों का ही नतीजा है। भारत ने चीन को यह समझाने की कोशिश की है कि व्यापारिक सहयोग व रणनीतिक भागीदारी के लिए आतंकवाद पर समान रुख अपनाने की जरूरत है। एफएटीएफ की बैठक के पहले भी भारतीय पक्ष ने चीन से संपर्क किया था। हाल के विदेश सचिव के चीन दौरे में भी भारत ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी चिंता चीन के सामने जाहिर की थी। सूत्रों ने कहा कि चीन का रुख पूरी तरह से नहीं बदला है लेकिन भारत का प्रयास पहले से ज्यादा प्रभावी नजर आ रहा है। चीन को बदलती वैश्विक स्थिति में पाकिस्तान को आतंकवाद के मोरचे पर खुला समर्थन कर पाना मुमकिन नहीं है। सबूतों की आड़ में चीन पाक आतंकी मसूद अजहर व अन्य गुटों का बचाव करता रहा है।देश के अंदर आतंकवाद को बढ़ावा देने के मुद्दे पर अमेरिका के कड़े रुख की वजह से पाकिस्तान पर बहुत दवाब बढ़ गया है। आतंकवाद के मुद्दे पर भारत ने अमेरिका सहित अपने अन्य रणनीतिक सहयोगियों की तरह चीन को भी पाक की कारस्तानियों के सबूत दिए हैं। कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर पाकिस्तान आने वाले कुछ महीनों में आतंकी गुटों पर नकेल कसने का ठोस संदेश नहीं दे पाता है तो उसकी विश्व बिरादरी में और ज्यादा किरकिरी हो सकती हे। कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान अगर अपनी आतंकपरस्त नीति नहीं बदलेगा तो उसकी वित्तीय हालत खस्ता होती जाएगी। मजबूरी में कई देश पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता रोक सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि मसूद अजहर और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों की कश्मीर में ताजा आतंकी घटनाओं में भूमिका को लेकर भी सबूत रणनीतिक स्तर पर सहयोगी देशों को दिए गए हैं। भारत उम्मीद कर रहा है कि पाकिस्तान पर आतंकी गुटों को लेकर कार्रवाई का दबाव बढ़ेगा।

Share on
Loading Likes...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *