देश आर्थिक गुलामी की ओर!

मारे प्रधनमंत्री अपने सपनों का भारत बनाने में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जीडीपी पांच प्रतिशत से नीचे जाने वाली है और मोदी जी अपने भक्तों को सपना दिखा रहे हैं कि देश उन्नति की राह पर है।  लगता है कि गरीबों को दूध और घी की नहरें दिखाकर सत्ता में आई नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने गरीबों को खाई में डालने की पूरी योजना बना ली है।
भारतीय स्टेट बैंक जिसे विश्व में एसबीआई के नाम से जाना जाता है। उसने भी अब 1000 को न्यूनतम पर एकाउन्ट खोलना बंद कर दिया है और एसबीआई ने भी गरीबों की सुनना बंद कर दिया है। मोदी जी की सरकार ने तीन वर्ष में इतना काम कर दिया है कि एसबीआई जो पहले 1000 बैलेंस पर एकाउन्ट खोलता था उसके लिए अब 5000 का न्यूनतम एकाउंट खुलवाना पड़ता है। अगर 5000 से नीचे बैलेंस रखते है तो धीरे-धीरे बैंक से पैसा कटता रहेगा और एक दिन आपको एक रुपये तक पहुंचा देगा। जरा यह साचिये कि क्या यह पैसे अडानी, अम्बानी, बिड़ला, टाटा के एकाउन्ट से काटे गए होंगे। एक रिपोर्ट है कि 388 लाख खाता धारक के खाते से 235.06 करोड़ रुपये सिर्फ न्यूनतम बैलेंस न रहने पर लोगों की जेब से काट लिया गया। यही सबसे अच्छे दिन जनता के आये हैं।
जरा सोचिये मोदी सरकार तेजी उन्नति पर है। भक्तों के विचार से। मगर जरा विचार कीजिए यह उन्नति किस प्रकार की है। मोदी जी ने जनता से यह वादा चुनाव में किया था कि 14 लाख करोड़ का काला धन बाहर से लायेंगें और हर जनता के गरीब खाते मंे 5 लाख रुपये डालेंगे और अब तो उन्होंने देश को अब धीरे-धीरे जापान को गिरवी रखने की तैयारी कर ली। अपने मन की लालसा को पूरा करने के लिए गुजरात से दिल्ली को बुलेट टेªन चलाने के नाम पर एक रिपोर्ट के मुताबिक अहमदाबाद से बुलेट ट्रेन का खर्चा 1 लाख 10 हजार करोड़ के आस-पास आने की उम्मीद है जबकि यात्रा में तीन घण्टे लगेंगे और 1 टिकट 3 हजार रुपये का होगा लेकिन रेल यात्रा करने पर (यदि टिकट पहले बुक करा लें) 1500 रुपये का खर्चा पड़ेगा। मोदी जी बुलेट टेªन इस देश में चलने की बात कर रहे हैं जहां रेलवे का ढांचा इतना चरमरा रहा है कि रेलवे की पटरियां अब पहले से बुरे हाल पर हंै। आये-दिन रेलवे की टेªन दुर्घटनाग्रस्त होती जा रही हैं और जनता की जाने मु़ुफ्त में जा रही हैं। सैकड़ों लोग मोदी सरकार से आने के बाद यात्र्ाा में या तो मौत के शिकार हुए या फिर जख्मी हो गये मगर मोदी जी के अंधभक्त के नाम पर इस चीज को छिपाने की प्रयत्न किया जाता है। जिस पर अब पर्दा उठने वाला है।
अच्छा है भक्त की आंड़ में नरेन्द्र मोदी जी की सरकार अपनी असफलता को छिपाने का प्रयत्न करती रहती है मगर इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता कि थोड़े लोगों को अधिक दिनों तक या बहुत अधिक लोगों को कम दिनों तक मूर्ख बनाया नहीं जा सकता। अब मोदी जी के अंधभक्तों के चेहरे से नकाब उतर रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि मनमोहन सरकार में 58/-रूपये का पेट्रोल अब 70 रुपये प्रति लीटर क्यों मिल रहा है। जबकि अन्तराष्ट्रीय खरीद इतनी कम हो गई कि जनता को अब पेट्रोल 28 रुपये प्रति लीटर मिलना चाहिए। लोग पूछ रहे हैं कि कांग्रेस के जमाने में 48 रुपये में मिलने वाला डीजल अब 58 रुपये में क्यों मिल रहा है जबकि अन्तराष्ट्रीय मार्केट में डीजल का रेट इतना घट गया है कि डीजल इस समय 28 रुपये प्रति लीटर मिलना चाहिए।
बुलेट ट्रेन चलाने के नाम से बनी योजना का व्यय भारत वर्ष की जनता 50 साल में 88000 करोड़ का कर्जा चुकायेगी। हमारे मोदी जी भारत की गरीब जनता पर अदायगी व कर्ज डालकर बड़ा न्याय करने जा रहे हैं। पेट्रोल के बढ़ते मूल्यों पर शिवसेना ने केन्द्र सरकार पर तंज कस रही है कि कांग्रेस सरकार में क्र्रूड आॅयल 1350 रुपये प्रति बैरल अन्तर्राष्ट्रीय था। उस समय जब पेट्रोल व डीजल 70 रुपये व 53 रुपये से अधिक नहीं था इसके बाद विपक्षी पार्टी (जो अब शासन में हैं) सड़कों पर आन्दोलन करती थीं लेकिन आज खुदरे तेल की लागत जो खरीदारी 49 रुपये प्रति बैरल है उसके बाद भी हमारी केन्द्र सरकार जनता को पेट्रोल 80 रुपये और डीजल 53 रुपये प्रति लीटर दे रही है जिसका मतलब साफ है कि जापान की बुलेट टेªन का कर्जा अब गरीब जनता की जेब से काटकर अदा करने की योजना बन चुकी है। इसलिए अपने भारत वासियों को बताना चाहता हूं कि यह सरकार कितनी पीढ़ी तक जनता को कर्जदार बनाये रखेगी। अब आप लोग वास्तविकता की दुनिया में आयें वरना भारतवासी तब तक विदेशी लोगों की आर्थिक कर्जे की गुलामी में जकड़ जायेंगे।

डाॅ एमवाईएच खालिदी

अध्यक्ष

आॅल इण्डिया इंसानियत मिशन आफ इण्डियन रेड क्रिसेन्ट हेल्थ केयर सोसाइटी
(यह लेखक के निजी विचार हैं)

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